जबाब :- अपने होनें को निरंतर विस्तार देते रहने की प्रक्रिया, जीवन है |
नोट :
*मौत जीवन का एक महत्वपूर्ण ठहराव है, पर किसीके होनें (पहचान) का अंत नहीं है |
*मौत कई बार पहचान के उत्प्रेक यानी कैटलिस्ट एजेंट का कम करती है|
*बाज दफ़ा, मौत पहचान बदल देने का भी कम करती है |
*आज-हम का "अहम्" एक रोग है, बस |
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कश्यप किशोर मिश्र
नोट :
*मौत जीवन का एक महत्वपूर्ण ठहराव है, पर किसीके होनें (पहचान) का अंत नहीं है |
*मौत कई बार पहचान के उत्प्रेक यानी कैटलिस्ट एजेंट का कम करती है|
*बाज दफ़ा, मौत पहचान बदल देने का भी कम करती है |
*आज-हम का "अहम्" एक रोग है, बस |
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कश्यप किशोर मिश्र
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