Wednesday, June 25, 2014

पालिटिक्स

हत्या बस हत्या होती है ।
हत्यारा सिर्फ और सिर्फ हत्यारा होता है ।
हथियार कुछ भी हो सकता है, धार्मिकता, नास्तिकता, शून्यवाद, अस्तित्ववाद, जनसेवा, क्रांति, मानवाधिकार, सेना, कुछ भी ।
यह तो हत्यारे पर है, वह हथियार क्या बनाता है, एक हत्यारा जिस नली से किसी मरणासन्न को जीवनदायिनी आक्सीजन दी जा रही है, उसका इस्तेमाल उस रोगी की हत्या में कर लेता है । वह नली हत्यारा नहीं होती ।
...तो हमें ये पैतरें पता है ।
हथियार को हत्यारा बताने के पीछे तुम्हारी मंशा क्या है, दोस्त ?
एक सवाल पूछे? 
"तुम्हारी पालिटिक्स क्या है, दोस्त?"
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कश्यप किशोर मिश्र

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