Saturday, June 21, 2014

बच्चे का रोना

__________
...सारी नफरत निकल चुकी थी, हिंसा के विभत्स ताडंव से बस्ती सारी रात के दौरान कई बार गुजरी और हिंसक हमलावरों ने बर्बर होकर, चुन चुन कर एक एक आदमी का, जो भी मिले उनका कत्ल कर डाला ।

सुबह की उजास के साथ हमलावर अपने रक्तरंजित हथियार पोछते लौटनें लगे, कि तभी एक झोपड़ी से एक बच्चे के रोनें की आवाज आई, बच्चा जग कर दूध के लिए अपनीं माँ को ढ़ूढ़ रहा था, लौटते हुए हमलावरों के कदम रूक गए । वो पलट कर वापस देखनें लगे । झोपड़ी के दरवाजे से रोते हुए, दूध और अपनी माँ को तलाशता एक दो साल का बच्चा बाहर आया, हमलावरों के नेता और रोते बच्चे की निगाहें आपस में मिली । हमलावरों के नेता के पैर लरज गए ।

...इस बात को आज साठ बरस गुजर चुके हैं, अपनें उम्र के चौथेपन में चल रहे, हमलावरों के नेता के पैर अपनें नाती पोतों के रोनें की आवाज से लरज जातें है, वह धम्म से जमीन पर गिर पड़ता है ।
_____________
कश्यप किशोर मिश्र

No comments: